उत्तराखंड के 10 जिलों में मानसून की तेज वर्षा ने पेयजल व्यवस्था की चाल बिगाड़ी है। एक जुलाई से अब तक राज्यभर में 1558 पेयजल योजनाएं आपदा में क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें सर्वाधिक 521 देहरादून, जबकि सबसे कम तीन योजनाएं रुद्रप्रयाग जिले की हैं।उत्तराखंड जल संस्थान ने 363.52 लाख रुपये खर्च कर सभी क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया है, लेकिन इनकी स्थायी मरम्मत के लिए 2791.09 लाख रुपये की आवश्यकता है।