देहरादून(ब्यूरो)-राज्य में नए उद्योग स्थापित करने वाली सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों को हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर एवं देहरादून जनपदों में करीब चार हजार एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
उद्योग विभाग ने प्रदेश की 96,410 एमएसएमई इकाइयों को उत्पादन और निर्यात से तेजी से जोड़ने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत नई इकाइयों को भूमि आवंटन, आधारभूत सुविधाएं, वित्तीय सहायता और आवश्यक अनुमतियां समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
सरकार का उद्देश्य निवेश बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा राज्य के औद्योगिक विकास को गति देना है। इससे एमएसएमई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
एक लाख रोजगार और 50 हजार करोड़ निवेश लक्ष्य
राज्य सरकार का फोकस एरोमा, इलेक्ट्रानिक्स, प्लास्टिक और स्टार्टअप आधारित उद्योगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। आने वाले दो वर्ष में एक लाख नये रोजगार के सृजन और 50 हजार करोड़ का निवेश लक्ष्य रखा गया है। कई परियोजनाओं में भूखंड आवंटन भी तेजी से हो रहा है, जबकि कुछ नई औद्योगिक अवस्थापनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।