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उत्तराखंड : रुड़की के सफ़रपुर गाँव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पति द्वारा तीन तलाक (Teen Talaq) दिए जाने के बाद पत्नी ने गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पीड़िता के पति खुशनूद समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना 30 मार्च को तब हुई जब खुशनूद ने साजिया को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था।
घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, खुशनूद ने सहारनपुर निवासी साजिया से छलपूर्वक निकाह किया था, जबकि वह पहले से सात बच्चों का पिता था। तीन साल पहले निकाह के बाद साजिया को तीन बच्चों की माँ बनने के बाद ही पति के पहले विवाह का पता चला। विरोध करने पर साजिया को मारपीट कर घर से बाहर फेंक दिया गया। 30 मार्च को घर लौटने पर खुशनूद ने उसे तीन तलाक दे दिया और परिजनों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की। मानसिक रूप से टूट चुकी साजिया ने गंगनहर में छलांग लगा दी।
जाँच और कार्रवाई
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पुलिस गंगनहर में साजिया का शव ढूंढने में जुटी है। तहरीर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- पीड़िता: साजिया (उम्र अनजान), सहारनपुर मूल की
- आरोपी: खुशनूद (पति), चार अन्य परिजन
- स्थान: गंगनहर कोतवाली क्षेत्र, रुड़की
- कानूनी प्रावधान: तीन तलाक अवैध, 2019 का कानून लागू
तीन तलाक और महिला अधिकार
भारत में तीन तलाक को अवैध घोषित किया जा चुका है, फिर भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि किस तरह महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।
समाज की भूमिका
इस घटना से समाज को यह सीख लेनी चाहिए कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों का पालन करना जरूरी है। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि वे इस तरह की त्रासदियों से बच सकें।
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