चमोली ब्यूरो बदरीनाथ विधानसभा में पहले राजेंद्र भंडारी विधायक रहे। इसके बाद जनता ने लखपत बुटोला को चुना। दोनों विधायकों ने विधायक निधि तो खर्च की लेकिन काम धरातल पर नहीं दिखे।बदरीनाथ विधानसभा में पूर्व और वर्तमान विधायक ने विधायक निधि तो जमकर खर्च की लेकिन काम अभी अधूरे ही हैं। बीते साढ़े चार साल के कार्यकाल में विधानसभा को आवंटित कुल 23.28 करोड़ रुपये की विधायक निधि में से 21.64 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह कुल आवंटित धनराशि का 93.14 प्रतिशत है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी अब तक 81.25 प्रतिशत निधि खर्च हो चुकी है।बदरीनाथ विधानसभा में वर्ष 2022 से अब तक दो विधायकों का कार्यकाल रहा है। वर्ष 2022 में कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी विधायक चुने गए थे। वर्ष 2024 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेकर विधायकी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कुछ माह तक सीट खाली रही। जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के लखपत बुटोला विधायक निर्वाचित हुए। बीच कार्यकाल में हुए राजनीतिक बदलाव के बावजूद दोनों विधायकों के कार्यकाल में विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए धनराशि खर्च की गई।