भारत में पार्किंग विवाद में वैज्ञानिक की मौत: एक दुखद घटना की कहानी
पंजाब के मोहाली में एक दुखद घटना ने पूरे देश को हिला दिया है। यहां एक पार्किंग विवाद के दौरान एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक, डॉ. अभिषेक स्वर्णकर की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को बल्कि पूरे देश को गहरा आघात पहुंचाया है।
घटना का विवरण
डॉ. अभिषेक स्वर्णकर, जो हाल ही में स्विट्जरलैंड से भारत लौटे थे और मोहाली के IISER में प्रोजेक्ट साइंटिस्ट के रूप में काम कर रहे थे, की मौत एक पार्किंग विवाद के दौरान हुई। यह घटना उनके किराए के घर के पास हुई, जहां उनके पड़ोसी मोंटी के साथ पार्किंग को लेकर विवाद हुआ। इस विवाद के दौरान मोंटी ने डॉ. स्वर्णकर को धक्का दिया और उन्हें जमीन पर गिरा दिया, जिसके बाद उन्हें कई चोटें आईं। इस घटना के बाद डॉ. स्वर्णकर की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
घटना की जांच और प्रतिक्रियाएं
इस घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पड़ोसी मोंटी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। IISER ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। डॉ. स्वर्णकर को एक “प्रतिभाशाली दिमाग” के रूप में याद किया जा रहा है, जिनकी मौत इस तरह की हिंसक घटना में हुई है।
वैज्ञानिक समुदाय की प्रतिक्रिया
वैज्ञानिक समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई है। डॉ. स्वर्णकर को उनके शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए याद किया जा रहा है। उनकी मौत ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे वैज्ञानिक समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है।
निष्कर्ष
इस घटना ने हमें एक बार फिर से सोचने पर मजबूर किया है कि हमारे समाज में हिंसा कितनी बढ़ गई है। ऐसी घटनाओं के खिलाफ हमें एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। डॉ. अभिषेक स्वर्णकर की मौत एक बड़ा नुकसान है, लेकिन हमें उनकी याद में हिंसा के खिलाफ लड़ना होगा।