देहरादून ब्यूरो-एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान में अब महिलाएं भी चलाएंगी शॉवेल
गेवरा कोयला खदान में टूटेगी पुरुषों के एकाधिकार की दीवार
इसके लिए महिलाओं को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ से बिशन सिंह बोरा
कोरबा (छत्तीसगढ़): एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट कोयला खदान, ”गेवरा” में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। अब तक केवल पुरुषों के वर्चस्व वाले और जोखिम से भरे माने जाने वाले शॉवेल के संचालन के काम में पहली बार महिलाएं उतरने जा रही हैं। खदान में जल्द ही महिलाएं भारी शॉवेल को ऑपरेट करती नजर आएंगी।
गेवरा कोयला खदान की स्टाफ ऑफिसर (एचआर) सुधा शिंदे के अनुसार, पहले कंपनी में महिलाएं केवल एचआर और प्रशासनिक अनुभागों तक ही सीमित थीं। लेकिन इस ऐतिहासिक पहल से न केवल महिलाओं को खुद को साबित करने का मौका मिलेगा, बल्कि खदान की कार्यक्षमता में भी बढ़ोतरी होगी। इस काम के लिए 50 महिलाओं का चयन किया गया था, जिनमें से 17 महिलाओं ने तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए काम करने की सहमति दी है। इन महिलाओं को पूरी तरह से दक्ष बनाने के लिए तीन चरणों में कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है।गेवरा प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक (संचालन) धीरज चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस साल के अंत तक इन सभी महिलाओं को खदान में नियमित नियुक्तियां देकर तैनात कर दिया जाएगा।