मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व0 सूबेदार श्री शेर सिंह धामी की पाँचवी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व0 सूबेदार श्री शेर सिंह धामी की पाँचवी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
देहरादून संवादाता : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा स्थित तराई बीज विकास निगम के मैदान में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व0 सूबेदार श्री शेर सिंह धामी की पाँचवी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाऐं भी की जिसमें पूर्व सैनिक वीरांगनाओं एवं पुत्री को ड्रोन दीदी के रूप में रोजगार परक ड्रोन का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।’ 60 वर्ष से अधिक बुजुर्ग एवं पूर्व सैनिक वह उनकी पत्नियों तथा पूर्व सैनिकों की वीरांगनाओं और वीर नारियों को निशुल्क बद्री धाम की यात्रा कराई जाएगी। परमवीर चक्र विजेताओं को उत्तराखंड सरकार द्वारा एक करोड़ 50 लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी। खटीमा में मोहम्मदपुर भुड़िया का नाम शहीद राणा वीरेंद्र नगर के नाम किया जाएगा। नानकमत्ता स्थित मोहम्मद गंज का नाम गुरु गोविंद सिंह नगर के नाम किया जाएगा। ग्राम सभा नगला के नानक सिंह के घर से ग्रोवर फार्म, बेगराज सिंह से बासुदेव आदि के घर की ओर तक हॉट मिक्स सड़क का निर्माण किया जाएगा।
ग्राम प्रतापपुर में खाद गोदाम से तलवार फार्म होते हुए वकील फार्म तक हॉट सड़क का निर्माण किया जाएगा। पुरनापुर मेन रोड से जोगी ठेर तक हॉटमिक्स सड़क का निर्माण किया जाएगा ग्राम पंचायत बरी अंजनिया रेलवे लाईन पास से भुड़रिया तक हॉटमिक्स का निर्माण किया जाएगा मुख्यमंत्री श्री धामी ने कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में कहा कि पांच वर्ष पूर्व आज का दिन मेरे जीवन का सबसे कष्टप्रद और दुःखद दिन रहा जब मैंने, अपने प्रेरणास्रोत पूज्य पिताजी को खो दिया। मैं, जब पूज्य पिताजी को याद करता हूँ, तो आंखें नम हो जाती हैं, लेकिन गर्व भी होता है कि उन्होंने जीवन के जिन मूल्यों की मुझे शिक्षा दी, उन्हीं मूल्यों के सहारे आज मैं, जनसेवा की राह पर चल पा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी के विचार, उनके सिद्धांत और उनका संघर्षमय जीवन आज भी हर मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन करता है। पूज्य पिताजी ने अपना संपूर्ण जीवन बड़ी ही सादगी के साथ जिया, परंतु अपने दृढ़ व्यक्तित्व और सेवा भावना द्वारा हमेशा समाज के लिए कार्य किया। सीएम श्री धामी ने कहा कि उनके पिताजी ने सेना से रिटायरमेंट के बाद क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार प्रचार हेतु एक प्राइमरी स्कूल की स्थापना की जहां गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती थी।