उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर चल रही कार्यवाही राज्य की डेमोग्राफी और देवभूमि स्वरूप को बचाने के लिए बेहद जरुरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए लगभग सौ मदरसों को सील कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
अवैध मदरसों की समस्या
अवैध मदरसों का बढ़ता नेटवर्क न केवल सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह राज्य की सुरक्षा और विकास पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
सरकार की कार्रवाई
- सील किए गए मदरसे: अब तक 84 मदरसे सील किए जा चुके हैं, और यह संख्या बढ़ने की संभावना है।
- सख्त कानून: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- डेमोग्राफी पर प्रभाव: भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने इसे राज्य की डेमोग्राफी और संस्कृति की रक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
समाज में जागरूकता
इस मुद्दे पर समाज में जागरूकता फैलाना भी आवश्यक है। लोगों को समझना होगा कि अवैध मदरसों के खिलाफ उठाए गए कदम किस प्रकार उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अवैध मदरसों पर कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि यह उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति को सुरक्षित रखने का प्रयास है। इस दिशा में उठाए गए कदम निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम लाएंगे।
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