उत्तरकाशी (ब्यूरो)-चिन्यालीसौड़। पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच खेती करने वाले किसानों के लिए मोबाइल अब सिर्फ संचार का साधन नहीं बल्कि कृषि विशेषज्ञ की भूमिका भी निभा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के किसान सारथी एप ने उत्तरकाशी के 20,568 किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से सीधे जोड़ दिया है।
वर्ष 2005 में चिन्यालीसौड़ में स्थापित जनपद के एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र ने अब तक किसानों को प्रशिक्षण और फील्ड परीक्षण के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ा है। केंद्र परिसर में किसानों, छात्रों और कर्मचारियों समेत करीब 1,500 लोगों को इन गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब डिजिटल तकनीक ने अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचा दिया है।